Thursday, 30 July 2020

Mukhyamantri Krishi Asirwad Yojana सरकार की नई योजना, अब किसान को सरकार देगी ₹25000 सालाना अतिरिक्त मदद इस नई योजना

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सरकार की नई योजना, अब किसान को सरकार देगी  25000 सालाना अतिरिक्त मदद इस नई योजना 

केंद्र सरकार ने किसानों के लिए चलाई हैं कुछ योजनाएं ।
किसानों को अत्यधिक लाभ पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना(Pm-Kisan Yojana) के साथ मुख्यमंत्री कृषि 
आशीर्वाद योजना( Mukhyamantri Krishi Asirwad Yojana ) को भी मिला दिया है इस योजना से किसानों को हर साल न्यूनतम 11000 और अधिकतम ₹31000 की 
सहायता मिल सकेगी


भारत के किसानों को लाभ देने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा बहुत सारी योजनाएं चलाई जा रही है और इन से किसानों (Farmers) 
को लाभ भी मिल रहा है लेकिन आज हम आपको ऐसी योजना के बारे में बताने वाले हैं जहां आपको चार ₹6000 नहीं बल्कि पूरे ₹25000 खेती-किसानी करने के लिए दिए जा रहे हैं । 
इस योजना का नाम मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना (Mukhyamantri Krishi Asirwad Yojana) रखा गया है जो फिलहाल बीजेपी शासित झारखंड(Jharkhand) राज्य में चलाया जा रहा है ।


यह स्कीम मूल रूप से झारखंड राज्य के लिए चलाई जा रही है जिस वजह से इसके मूल निवासियों को ही लाभ दिया जाएगा । इसमें छोटे व सीमांत किसान दोनों शामिल है ।
 इस योजना के अंतर्गत दूसरे राज्य से आकर जमीन खरीद कर खेती करने वाले किसानों को भी लाभ नहीं दिया जाएगा ।
 योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग या कलेक्ट्रेट से फॉर्म लेकर उसमें खेती के कागजात लगाकर जमा करने होंगे ।
आवेदन करने वक्त यह भी बताना होगा कि आवेदक ही खेत का मालिक है ।
 आवेदक के पास बैंक अकाउंट नंबर, राशन कार्ड और किसान कार्ड होना अनिवार्य है ।
अगर आवेदक के खाते से आधार कार्ड नंबर लिंक नहीं है तो ऐसी स्थिति में उसे योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा । ( योजना का लाभ लेने के लिए बैंक अकाउंट के साथ आधार कार्ड लिंक होना अनिवार्य है )

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना MUKHYAMANTRI KRISHI ASIRWAD YOJANA
मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत 10 अगस्त को झारखंड के रांची शहर में हुई थी इसके अंतर्गत प्रत्येक 5 एकड़ तक की खेती वाले हर किसानों को राज्य सरकार के ओर से 
सालाना 25-25 हजार रुपया देने का निर्णय लिया गया । इसके अलावा केंद्र सरकार के द्वारा चलाई जाने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को प्रत्येक साल ₹6000
 भी दिया जा रहा है , मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत मिलने वाली ₹25000 की रकम पीएम किसान योजना के अंतर्गत मिलने वाली ₹6000 से अलग होगी । 
यह योजना किसानों के लिए अब तक की सबसे बड़ी योजना हैं और कोई भी राज्य सरकार अभी तक किसानों को इतनी बड़ी रकम मुहैया नहीं कराई है ।

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के लिए आधार कार्ड क्यों हैं अनिवार्य ?

आधार कार्ड सत्यापन का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है और सुप्रीम कोर्ट का भी यह फैसला आया था कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास आधार कार्ड होना जरूरी है ।
 साथ ही इस योजना के अंतर्गत किसानों को पैसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी कि डीबीटी(DBT) के माध्यम से भेजे जाते हैं ऐसी स्थिति में अगर किसान के खाते में आधार कार्ड संख्या लिंक नहीं होती है 
तो पैसा भेजना संभव नहीं होगा ।

किस प्रकार के किसानों को सरकार कितना देगी लाभ ?

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत कृषि की भूमि पर ही योजना की रकम तय की गई है । इसके अंतर्गत सरकार ने कुछ ऐसा दायरे बनाये है ।

अगर किसान के पास 1 एकड़ तक की जमीन होती है तो उन्हें ₹5000 सालाना दिया जाएगा । इसी प्रकाश से अगर किसान के पास 2 एकड़ तक की जमीन होती है तो उन्हें ₹10000 
सालाना और 
अगर किसान के पास 3 एकड़ तक जमीन होती है तो उन्हें ₹15000 सालाना , अगर हम बात करें तो सरकार प्रति एकड़ ₹5000 दे रही है और इसकी सीमा 5 एकड़ तक ही है 
यानी किसानों को इस योजना के अंतर्गत 5 एकड़ की जमीन होने पर ₹25000 सालाना आर्थिक मदद दी जाएगी । 
ऊपर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की तीन किस्त भी मिलेगी यानी 6000 रुपए और 
योजना के अंतर्गत 35 लाख किसानों को मिलेगा सीधा फायदा ।

योजना के अंतर्गत 35 लाख किसानों को मिलेगा सीधा फायदा ।


 
इस योजना का शुरू करने का मुख्य उद्देश्य सरकार का यह है कि किसानों को खेतीबाड़ी करने के लिए सेठ ,साहूकार और बैंक से कर्ज लेने की जरूरत ना पड़े ।

कृषि विभाग के मुताबिक मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत करीब 35 लाख किसानों को ₹3000 की मदद दी जाएगी और पहले चरण में करीब 
15 लाख किसानों को इसके अंतर्गत कबर किया जाएगा । इस योजना के ऊपर सीएम रघुवर दास का कहना है कि पिछले 5 सालों में कृषि विकास की दर 19% से बढ़ा है , 
उन्होंने यह भी बताया कि साल 2014 में यह प्रतिशत -4.5 फ़ीसदी का था वही 2019 में बढ़कर 14.5 फ़ीसदी तक का हो गया है । यह आकर दर्शाता है कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार
 की सूझबूझ से किसानों का कहीं ना कहीं भला हो रहा है ।


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